फादर ऑफ़ एसएमएस

कुछ ही दिन पहले त्यौहारों पर एसएमएस भेजने का सिलसिला शायद ही कोई भूला होगा। इतने एसएमएस भेजे जाते थे कि मोबाइल नेटवर्क ही ठप्प हो जाते थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया को एसएमएस की सौगात देने वाले शख्स कौन हैं? तो आईये हम आपको बताते हैं की वो कौन हैं जिन्होंने एसएमएस की शुरुआत की।

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फिनलैंड के “मैटी मैक्नन” ही वो शख्स थे जिन्होंने दुनिया को 160 कैरेक्टर में सन्देश भेजने का यह तोहफा दिया। मैक्नन को इस शार्ट मैसेजिंग सर्विस(एसएमएस) का ख्याल पिज्जा खाते समय आया था। 1984 में डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में एक टेलीकॉम कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने गए मैक्नन को लांच के दौरान पिज्जा खाते समय ये ख्याल आया कि यदि मोबाइल बंद हो जाए तो किसी से कैसे संपर्क किया जाए? कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोग अभी जवाब सोच ही रहे थे कि मैक्नन ने “टैक्स्ट मैसेज सर्विस” का कॉन्सेप्ट सबके सामने रखा लेकिन सबने इसे खारिज कर दिया।

1985 में शोधकर्ता फ्रीडहैम हिलब्रांड और उनकी टीम के साथ मिलकर मैक्नन ने शार्ट मैसेजिंग सर्विस पर चुपचाप काम करना शुरू कर दिया। 1992 में पहला एसएमएस भेजा गया तथा 1994 में नोकिया का मैसेज टाइपिंग वाला पहला फोन लॉन्च हुआ जिसके बाद एसएमएस के सर्विस पूरी दुनिया में लोकप्रिय हुई। मैसेज भेजने कि सर्विस भले ही “शार्ट मैसेजिंग सर्विस” के नाम से लोकप्रिय हुई थी लेकिन वो इसका नाम मैसेज हैंडलिंग सर्विस ही मानते थे। वे इसे कम शब्दों में सन्देश भेजने का जरिया मानते थे। उनके लिए यह भाषा के विकास का नया तरीका था। मैटी मैक्नन ने इस टेक्नोलॉजी से पैसा नहीं कमाया। उन्होंने इसका पेटेंट तक नहीं करवाया। “फादर ऑफ़ एसएमएस” कहने पर वो चिड़ जाया करते थे। अभी हाल ही में 63 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।